{"title":"Prakash Pandit","description":"\u003cp\u003ePrakash Pandit  Books\u003c\/p\u003e","products":[{"product_id":"majaz-मजाज़-hindi-book","title":"Lokpriya Shayar Aur Unki Shayari : Majaz (लोकप्रिय शायर और उनकी शायरी : मजाज़ )","description":"\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eमजाज़ \u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cstrong\u003e\u003cbr\u003eप्रकाशक : - राजपाल एंड सन्ज \u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"Akshardhara Book Gallery","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":51006361043266,"sku":"9789350643846","price":158.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0800\/1214\/9058\/files\/66majaj-F.jpg?v=1752735505"},{"product_id":"sardar-jafri-सरदार-जाफ़री","title":"Lokpriya Shayar Aur Unki Shayari : Sardar Jafri ( लोकप्रिय शायर और उनकी शायरी : सरदार जाफ़री )","description":"\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eसरदार जाफ़री \u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e\"इस अत्यंत लोकप्रिय पुस्तक-माला की शुरुआत 1960 के दशक में हुई जब पहली बार नागरी लिपि में उर्दू की चुनी हुई शायरी के संकलन प्रकाशित कर राजपाल एंड सन्स ने हिंदी पाठकों को उर्दू शायरी का लुत्फ़ उठाने का अवसर प्रदान किया। इस पुस्तक-माला का संपादन उर्दू के सुप्रसिद्ध संपादक प्रकाश पंडित ने किया था। हर पुस्तक में शायर के संपूर्ण लेखन में से बेहतरीन शायरी का चयन है और पाठकों की सुविधा के लिए कठिन शब्दों के अर्थ भी दिए हैं। प्रकाश पंडित ने हर शायर के जीवन और लेखन पर- जिनमें से कुछ समकालीन शायर उनके परिचित भी थे- रोचक और चुटीली भूमिकाएं लिखी हैं। आज तक इस पुस्तक-माला के अनगिनत संस्करण छप चुके हैं। अब इसे एक नई साज-सज्जा में प्रस्तुत किया जा रहा है जिसमें उर्दू शायरी के जानकार सुरेश सलिल ने हर पुस्तक में अतिरिक्त सामग्री जोड़ी है।\"\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eप्रकाशक : - राजपाल एंड सन्ज \u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"Akshardhara Book Gallery","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":51006412947778,"sku":"9789350643150","price":158.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0800\/1214\/9058\/files\/67sardarjafari-f.jpg?v=1752736775"},{"product_id":"nasir-kazmi-नासिर-काज़मी","title":"Lokpriya Shayar Aur Unki Shayari : Nasir Kazmi ( लोकप्रिय शायर और उनकी शायरी : नासिर काज़मी )","description":"\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eनासिर काज़मी \u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eइस अत्यंत लोकप्रिय पुस्तक–माला की शुरुआत 1960 के दशक में हुई जब पहली बार नागरी लिपि में उर्दू की चुनी हुई शायरी के संकलन प्रकाशित कर राजपाल एण्ड सन्ज़ ने हिन्दी पाठकों को उर्दू शायरी का लुत्फ़ उठाने का अवसर प्रदान किया। श्रृंखला की हर पुस्तक में शायर के संपूर्ण लेखन में से बेहतरीन शायरी का चयन है और पाठकों की सुविधा के लिए कठिन शब्दों के अर्थ भी दिये हैं और साथ ही हर शायर के जीवन और लेखन पर रोचक भूमिका भी है।\u003c\/span\u003e\u003cbr\u003e\u003cspan\u003eआज तक इस पुस्तक–माला के अनगिनत संस्करण छप चुके हैं। अब इसे एक नई साज–सज्जा में प्रस्तुत किया जा रहा है।\u003c\/span\u003e\u003cbr\u003e\u003cspan\u003eसईद नासिर काज़मी (8 दिसम्बर 1925 – 2 मार्च 1972) का जन्म पंजाब में स्थित जालंधर शहर में हुआ था। उनके घर में कविता, शायरी और संगीत का माहौल था और इससे प्रभावित होकर नासिर किशोरावस्था में ही शे’र कहने लग गये थे। उन्हें प्रकृति से भी बहुत लगाव था जिसकी झलक उनकी शायरी में मिलती है। नासिर काज़मी की शायरी उनकी छोटी बहर और चाँद, रात, बारिश, याद, तन्हाई जैसे रोज़मर्रा के सहज शब्दों के इस्तेमाल के लिए जानी जाती है। जब वे नौकरी के सिलसिले में अम्बाला से लाहौर गये तो वहाँ के बेहद परिष्कृत अदबी माहौल में उनकी शायरी में सृजनात्मक विकास हुआ। 1947 में भारत–विभाजन के बाद नासिर पाकिस्तान में बसे गये लेकिन बँटवारे ने उनके अंदर एक गहरी उदासी पैदा की जो उनके साथ आखिरी दम तक रही ।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eप्रकाशक : - राजपाल एंड सन्ज \u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"Akshardhara Book Gallery","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":51006501650754,"sku":"9789393267009","price":158.0,"currency_code":"INR","in_stock":false}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0800\/1214\/9058\/files\/68nazirkazami-F.jpg?v=1752737314"},{"product_id":"iqbal-इक़बाल","title":"Lokpriya Shayar Aur Unki Shayari : Iqbal ( लोकप्रिय शायर और उनकी शायरी : इक़बाल )","description":"\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eइक़बाल \u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eप्रकाशक : - राजपाल एंड सन्ज \u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"Akshardhara Book Gallery","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":51006977409346,"sku":"9789350642429","price":158.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0800\/1214\/9058\/files\/69ikbai-F_02ccb183-2669-4d60-aa5b-6ffb77a103f1.jpg?v=1752744137"},{"product_id":"mazruh-sultanpuri-मजरूह-सुलतानपुरी","title":"Lokpriya Shayar Aur Unki Shayari : Mazruh Sultanpuri ( लोकप्रिय शायर और उनकी शायरी : मजरूह सुलतानपुरी )","description":"\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eमजरूह सुलतानपुरी \u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eइस अत्यंत लोकप्रिय पुस्तक-माला की शुरुआत 1960 के दशक में हुई जब पहली बार नागरी लिपि में उर्दू की चुनी हुई शायरी के संकलन प्रकाशित कर राजपाल एण्ड सन्ज़ ने हिन्दी पाठकों को उर्दू शायरी का लुत्फ़ उठाने का अवसर प्रदान किया। इस पुस्तक-माला का संपादन उर्दू के सुप्रसिद्ध संपादक प्रकाश पंडित ने किया था। हर पुस्तक में शायर के संपूर्ण लेखन में से बेहतरीन शायरी का चयन है और पाठकों की सुविधा के लिए कठिन शब्दों के अर्थ भी दिए हैं। प्रकाश पंडित ने हर शायर के जीवन और लेखन पर-जिनमें से कुछ समकालीन शायर उनके परिचित भी थे-रोचक और चुटीली भूमिकाएं लिखी हैं। आज तक इस पुस्तक-माला के अनगिनत संस्करण छप चुके हैं। अब इसे एक नई साज-सज्जा में प्रस्तुत किया जा रहा है जिसमें उर्दू शायरी के जानकार सुरेश सलिल ने हर पुस्तक में अतिरिक्त सामग्री जोड़ी है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eप्रकाशक : - राजपाल एंड सन्ज \u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"Akshardhara Book Gallery","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":51006993793346,"sku":"9789350641996","price":158.0,"currency_code":"INR","in_stock":false}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0800\/1214\/9058\/files\/71majroohsultanpuri-F.jpg?v=1752744777"},{"product_id":"lokpriya-shayar-aur-unki-shayari-jigar-moradabadi-लोकप्रिय-शायर-और-उनकी-शायरी-जिगर-मुरादाबादी","title":"Lokpriya Shayar Aur Unki Shayari : Jigar Moradabadi ( लोकप्रिय शायर और उनकी शायरी : जिगर मुरादाबादी )","description":"\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eजिगर मुरादाबादी\u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\"इस अत्यंत लोकप्रिय पुस्तक-माला की शुरुआत 1960 के दशक में हुई जब पहली बार नागरी लिपि में उर्दू की चुनी हुई शायरी के संकलन प्रकाशित कर राजपाल एंड सन्स ने हिंदी पाठकों को उर्दू शायरी का लुत्फ़ उठाने का अवसर प्रदान किया। इस पुस्तक-माला का संपादन उर्दू के सुप्रसिद्ध संपादक प्रकाश पंडित ने किया था। हर पुस्तक में शायर के संपूर्ण लेखन में से बेहतरीन शायरी का चयन है और पाठकों की सुविधा के लिए कठिन शब्दों के अर्थ भी दिए हैं। प्रकाश पंडित ने हर शायर के जीवन और लेखन पर- जिनमें से कुछ समकालीन शायर उनके परिचित भी थे- रोचक और चुटीली भूमिकाएं लिखी हैं। आज तक इस पुस्तक-माला के अनगिनत संस्करण छप चुके हैं। अब इसे एक नई साज-सज्जा में प्रस्तुत किया जा रहा है जिसमें उर्दू शायरी के जानकार सुरेश सलिल ने हर पुस्तक में अतिरिक्त सामग्री जोड़ी है।\"\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eप्रकाशक : - राजपाल एंड सन्ज \u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"Akshardhara Book Gallery","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":51007016010050,"sku":"9789350643891","price":158.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0800\/1214\/9058\/files\/70jigarmuradabadi-F.jpg?v=1752745359"},{"product_id":"lokpriya-shayar-aur-unki-shayari-akhtar-sheerani-लोकप्रिय-शायर-और-उनकी-शायरी-अख़्तर-शीरानी","title":"Lokpriya Shayar Aur Unki Shayari - Akhtar Sheerani ( लोकप्रिय शायर और उनकी शायरी : अख़्तर शीरानी )","description":"\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eलोकप्रिय शायर और उनकी शायरी : अख़्तर शीरानी \u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eइस अत्यंत लोकप्रिय पुस्तक-माला की शुरुआत 1960 के दशक में हुई जब पहली बार नागरी लिपि में उर्दू की चुनी हुई शायरी के संकलन प्रकाशित कर राजपाल एण्ड सन्ज़ ने हिन्दी पाठकों को उर्दू शायरी का लुत्फ़ उठाने का अवसर प्रदान किया। इस पुस्तक-माला का संपादन उर्दू के सुप्रसिद्ध संपादक प्रकाश पंडित ने किया था। हर पुस्तक में शायर के संपूर्ण लेखन में से बेहतरीन शायरी का चयन है और पाठकों की सुविधा के लिए कठिन शब्दों के अर्थ भी दिए हैं। प्रकाश पंडित ने हर शायर के जीवन और लेखन पर - जिनमें से कुछ समकालीन शायर उनके परिचित भी थे - रोचक और चुटीली भूमिकाएं लिखी हैं।\u003c\/span\u003e\u003cbr\u003e\u003cspan\u003eआज तक इस पुस्तक-माला के अनगिनत संस्करण छप चुके हैं। अब इसे एक नई साज-सज्जा में प्रस्तुत किया जा रहा है जिसमें उर्दू शायरी के जानकार सुरेश सलिल ने अतिरिक्त सामग्री जोड़ी है।\u003c\/span\u003e\u003cbr\u003e\u003cspan\u003eपद्मश्री और ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित सरदार जाफ़री (1913-2000) की शायरी में इंक़लाब, धर्मनिरपेक्षता और देश-प्रेम की भावना झलकती है. वामपंथी विचार रखने वाले सरदार जाफ़री प्रगतिशील लेखक थे जो कई सामाजिक, साहित्यिक और राजनैतिक आंदोलनों के साथ जुड़े थे. शायर होने के साथ वे उपन्यासकार और आलोचक भी थे. उन्होंने कई फ़िल्मों के लिये गीत लिखे. इस पुस्तक में सम्मिलित नज़्में और ग़ज़लें उन्होंने जेल में लिखीं जिनमें मशहूर नज़्म ‘पत्थर की दीवार’ भी है.\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eप्रकाशक : - राजपाल एंड सन्ज \u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"Akshardhara Book Gallery","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":51007047729474,"sku":"9789386534064","price":113.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0800\/1214\/9058\/files\/72AkhtarShirani-F.jpg?v=1752746544"},{"product_id":"lokpriya-shayar-aur-unki-shayari-josh-malihabadi-लोकप्रिय-शायर-और-उनकी-शायरी-जोश-मलीहाबादी","title":"Lokpriya Shayar Aur Unki Shayari - Josh Malihabadi ( लोकप्रिय शायर और उनकी शायरी : जोश मलीहाबादी )","description":"\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eजोश मलीहाबादी \u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eइस अत्यंत लोकप्रिय पुस्तक-माला की शुरुआत 1960 के दशक में हुई जब पहली बार नागरी लिपि में उर्दू की चुनी हुई शायरी के संकलन प्रकाशित कर राजपाल एंड सन्स ने हिंदी पाठकों को उर्दू शायरी का लुत्फ़ उठाने का अवसर प्रदान किया। इस पुस्तक-माला का संपादन उर्दू के सुप्रसिद्ध संपादक प्रकाश पंडित ने किया था। हर पुस्तक में शायर के संपूर्ण लेखन में से बेहतरीन शायरी का चयन है और पाठकों की सुविधा के लिए कठिन शब्दों के अर्थ भी दिए हैं। प्रकाश पंडित ने हर शायर के जीवन और लेखन पर- जिनमें से कुछ समकालीन शायर उनके परिचित भी थे- रोचक और चुटीली भूमिकाएं लिखी हैं। आज तक इस पुस्तक-माला के अनगिनत संस्करण छप चुके हैं। अब इसे एक नई साज-सज्जा में प्रस्तुत किया जा रहा है जिसमें उर्दू शायरी के जानकार सुरेश सलिल ने हर पुस्तक में अतिरिक्त सामग्री जोड़ी है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eप्रकाशक : - राजपाल एंड सन्ज \u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"Akshardhara Book Gallery","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":51007161925954,"sku":"9789386534002","price":113.0,"currency_code":"INR","in_stock":false}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0800\/1214\/9058\/files\/75joshmalihabadi-F.jpg?v=1752750255"},{"product_id":"lokpriya-shayar-aur-unki-shayari-jouk-लोकप्रिय-शायर-और-उनकी-शायरी-ज़ौक़","title":"Lokpriya Shayar Aur Unki Shayari : Jouk ( लोकप्रिय शायर और उनकी शायरी : ज़ौक़ )","description":"\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eज़ौक़\u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eप्रकाशक : - राजपाल एंड सन्ज \u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"Akshardhara Book Gallery","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":51007173722434,"sku":"9789386534019","price":113.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0800\/1214\/9058\/files\/76jouk-F.jpg?v=1752750782"},{"product_id":"lokpriya-shayar-aur-unki-shayari-nazir-akbarabadi-लोकप्रिय-शायर-और-उनकी-शायरी-नज़ीर-अकबराबादी","title":"Lokpriya Shayar Aur Unki Shayari - Nazir Akbarabadi ( लोकप्रिय शायर और उनकी शायरी : नज़ीर अकबराबादी )","description":"\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eनज़ीर अकबराबादी \u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e\"इस अत्यंत लोकप्रिय पुस्तक-माला की शुरुआत 1960 के दशक में हुई जब पहली बार नागरी लिपि में उर्दू की चुनी हुई शायरी के संकलन प्रकाशित कर राजपाल एंड सन्स ने हिंदी पाठकों को उर्दू शायरी का लुत्फ़ उठाने का अवसर प्रदान किया। इस पुस्तक-माला का संपादन उर्दू के सुप्रसिद्ध संपादक प्रकाश पंडित ने किया था। हर पुस्तक में शायर के संपूर्ण लेखन में से बेहतरीन शायरी का चयन है और पाठकों की सुविधा के लिए कठिन शब्दों के अर्थ भी दिए हैं। प्रकाश पंडित ने हर शायर के जीवन और लेखन पर- जिनमें से कुछ समकालीन शायर उनके परिचित भी थे- रोचक और चुटीली भूमिकाएं लिखी हैं। आज तक इस पुस्तक-माला के अनगिनत संस्करण छप चुके हैं। अब इसे एक नई साज-सज्जा में प्रस्तुत किया जा रहा है जिसमें उर्दू शायरी के जानकार सुरेश सलिल ने हर पुस्तक में अतिरिक्त सामग्री जोड़ी है।\"\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eप्रकाशक : - राजपाल एंड सन्ज \u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"Akshardhara Book Gallery","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":51007184896322,"sku":"9789386534224","price":126.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0800\/1214\/9058\/files\/77nazeerakbarabadi-F.jpg?v=1752751336"},{"product_id":"lokpriya-shayar-aur-unki-shayari-meer-taqi-meer-लोकप्रिय-शायर-और-उनकी-शायरी-मीर-तक़ी-मीर","title":"Lokpriya Shayar Aur Unki Shayari - Meer Taqi Meer ( लोकप्रिय शायर और उनकी शायरी : मीर तक़ी मीर )","description":"\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eमीर तक़ी मीर\u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eइस अत्यंत लोकप्रिय पुस्तक-माला की शुरुआत 1960 के दशक में हुई जब पहली बार नागरी लिपि में उर्दू की चुनी हुई शायरी के संकलन प्रकाशित कर राजपाल एंड सन्स ने हिंदी पाठकों को उर्दू शायरी का लुत्फ़ उठाने का अवसर प्रदान किया। इस पुस्तक-माला का संपादन उर्दू के सुप्रसिद्ध संपादक प्रकाश पंडित ने किया था। हर पुस्तक में शायर के संपूर्ण लेखन में से बेहतरीन शायरी का चयन है और पाठकों की सुविधा के लिए कठिन शब्दों के अर्थ भी दिए हैं। प्रकाश पंडित ने हर शायर के जीवन और लेखन पर- जिनमें से कुछ समकालीन शायर उनके परिचित भी थे- रोचक और चुटीली भूमिकाएं लिखी हैं। आज तक इस पुस्तक-माला के अनगिनत संस्करण छप चुके हैं। अब इसे एक नई साज-सज्जा में प्रस्तुत किया जा रहा है जिसमें उर्दू शायरी के जानकार सुरेश सलिल ने हर पुस्तक में अतिरिक्त सामग्री जोड़ी है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eप्रकाशक : - राजपाल एंड सन्ज \u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"Akshardhara Book Gallery","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":51007197053250,"sku":"9789350643136","price":158.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0800\/1214\/9058\/files\/79meertakimir-F.jpg?v=1752752098"},{"product_id":"lokpriya-shayar-aur-unki-shayari-firaq-gorakhpuri-लोकप्रिय-शायर-और-उनकी-शायरी-फ़िराक़-गोरखपुरी","title":"Lokpriya Shayar Aur Unki Shayari - Firaq Gorakhpuri ( लोकप्रिय शायर और उनकी शायरी : फ़िराक़ गोरखपुरी ) )","description":"\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eफ़िराक़ गोरखपुरी \u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eप्रकाशक : - राजपाल एंड सन्ज \u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"Akshardhara Book Gallery","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":51007204065602,"sku":"9789350641972","price":158.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0800\/1214\/9058\/files\/80firakhgorakhpuri-F.jpg?v=1752752515"},{"product_id":"lokpriya-shayar-aur-unki-shayari-ghalib-लोकप्रिय-शायर-और-उनकी-शायरी-ग़ालिब","title":"Lokpriya Shayar Aur Unki Shayari - Ghalib ( लोकप्रिय शायर और उनकी शायरी : ग़ालिब )","description":"\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eग़ालिब\u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eप्रकाशक : - राजपाल एंड सन्ज \u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"Akshardhara Book Gallery","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":51007211733314,"sku":"9789350642436","price":158.0,"currency_code":"INR","in_stock":false}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0800\/1214\/9058\/files\/81galib-F.jpg?v=1752752733"}],"url":"https:\/\/akshardhara.com\/collections\/prakash-pandit.oembed","provider":"Akshardhara Book Gallery","version":"1.0","type":"link"}