{"title":"Rajpal And Sons","description":"\u003cp\u003e\u003cspan\u003eRajpal And Sons Books\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e","products":[{"product_id":"faiz-ahmad-faiz-फ़ैज़-अहमद-फ़ैज़-hindi-book","title":"Faiz Ahmad Faiz ( फ़ैज़ अहमद फ़ैज़ ) Hindi Book","description":"\u003cp\u003e\u003cstrong\u003e फ़ैज़ अहमद फ़ैज़ \u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eप्रकाशक : राजपाल एण्ड सन्ज \u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"Akshardhara Book Gallery","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":50975479890242,"sku":"9789350643143","price":158.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0800\/1214\/9058\/files\/11FaizAhmadFaiz-F.jpg?v=1751882330"},{"product_id":"toba-tek-singh-aur-anya-kahaniyaan-टोबा-टेक-सिंह-और-अन्य-कहानियाँ","title":"Toba Tek Singh Aur Anya Kahaniyaan ( टोबा टेक सिंह और अन्य कहानियाँ )","description":"\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eटोबा टेक सिंह और अन्य कहानियाँ \u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eगर आपको मेरी कहानियाँ अश्लील या गंदी लगती हैं, तो जिस समाज में आप रह रहे हैं, वह अश्लील और गंदा है। मेरी कहानियाँ तो केवल सच दर्शाती हैं... अक्सर ऐसा कहते थे मंटो जब उन पर अश्लीलता के इल्ज़ाम लगते। बेबाक सच लिखने वाले मंटो बहुत से ऐसे मुद्दों पर भी लिखते जिन्हें उस समय के समाज में बंद दरवाजों के पीछे दबा कर, छुपा कर रखा जाता था। सच सामने लाने के साथ, कहानी कहने की अपनी बेमिसाल अदा और उर्दू ज़बान पर बेजोड़ पकड़ ने सआदत हसन मंटो को कहानी का बेताज बादशाह बना दिया। मात्र 43 सालों की जिंदगी में उन्होंने 200 से अधिक कहानियाँ, एक उपन्यास, तीन निबन्ध-संग्रह और अनेक नाटक, रेडियो और फिल्म पटकथाएं लिखीं। फ्रेंच और रूसी लेखकों से प्रभावित, वामपंथी सोच वाले मंटो के लेखन में सच्चाई को ऐसे पेश करने की ताकत है जो लंबे अर्से तक पाठक के दिलो-दिमाग पर अपनी पकड़ बनाए रखती है। 2012 में पूरे हिन्दस्तान में मनाई गई मंटो की जन्म-शताब्दी इस बात का सबूत है कि मंटो आज भी अपने पाठकों और प्रशंसकों के लिए जिंदा हैं।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eप्रकाशक : राजपाल एण्ड सन्ज\u003c\/strong\u003e \u003c\/p\u003e","brand":"Akshardhara Book Gallery","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":50975525372226,"sku":"9789350641767","price":194.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0800\/1214\/9058\/files\/12tobateksinh-F.jpg?v=1751883407"},{"product_id":"gurmukh-singh-ki-wasiyat-गुरुमुखसिंह-की-वसीयत-और-अन्य-कहानियाँ","title":"Gurmukh Singh Ki Wasiyat (गुरुमुखसिंह की वसीयत और अन्य कहानियाँ )","description":"\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eगुरुमुखसिंह की वसीयत और अन्य कहानियाँ \u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eअगर आपको मेरी कहानियाँ अश्लील या गंदी लगती हैं, तो जिस समाज में आप रह रहे हैं, वह अश्लील और गंदा है। मेरी कहानियाँ तो केवल सच दर्शाती हैं...\u003c\/span\u003e\u003cbr\u003e\u003cspan\u003eअक्सर ऐसा कहते थे मंटो जब उन पर अश्लीलता के इल्ज़ाम लगते। बेबाक सच लिखने वाले मंटो बहुत से ऐसे मुद्दों पर भी लिखते जिन्हें उस समय के समाज में बंद दरवाज़ों के पीछे दबा कर, छुपा कर रखा जाता था। सच सामने लाने के साथ, कहानी कहने की अपनी बेमिसाल अदा और उर्दू ज़बान पर बेजोड़ पकड़ ने सआदत हसन मंटो को कहानी का बेताज बादशाह बना दिया। मात्र 43 सालों की ज़िंदगी में उन्होंने 200 से अधिक कहानियाँ, एक उपन्यास, तीन निबन्ध-संग्रह और अनेक नाटक, रेडियो और फ़िल्म पटकथाएँ लिखीं। फ्रेंच और रूसी लेखकों से प्रभावित, वामपंथी सोच वाले मंटो के लेखन में सच्चाई को ऐसे पेश करने की ताकत है जो लंबे अर्से तक पाठक के दिलोदिमाग पर अपनी पकड़ बनाए रखती है। 2012 में पूरे हिन्दुस्तान में मनाई गई मंटो की जन्म-शताब्दी इस बात का सबूत है कि मंटो आज भी अपने पाठकों और प्रशंसकों के लिए ज़िंदा हैं।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eप्रकाशक : राजपाल एण्ड सन्ज \u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"Akshardhara Book Gallery","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":50975531860290,"sku":"9789386534927","price":212.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0800\/1214\/9058\/files\/13gurumukhsinhkivasiyat-1F.jpg?v=1751884732"},{"product_id":"boo-aur-anya-kahaniyaan-बू-और-अन्य-कहानियाँ","title":"Boo Aur Anya Kahaniyaan ( बू और अन्य कहानियाँ )","description":"\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eबू और अन्य कहानियाँ \u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eअगर आपको मेरी कहानियाँ अश्लील या गंदी लगती हैं, तो जिस समाज में आप रह रहे हैं, वह अश्लील और गंदा है। मेरी कहानियाँ तो केवल सच दर्शाती हैं... अक्सर ऐसा कहते थे मंटो जब उन पर अश्लीलता के इल्ज़ाम लगते। बेबाक सच लिखने वाले मंटो बहुत से ऐसे मुद्दों पर भी लिखते जिन्हें उस समय के समाज में बंद दरवाज़ों के पीछे दबा कर, छुपा कर रखा जाता था। सच सामने लाने के साथ, कहानी कहने की अपनी बेमिसाल अदा और उर्दू ज़बान पर बेजोड़ पकड़ ने सआदत हसन मंटो को कहानी का बेताज बादशाह बना दिया। मात्र 43 सालों की ज़िंदगी में उन्होंने 200 से अधिक कहानियाँ, एक उपन्यास, तीन निबन्ध-संग्रह और अनेक नाटक, रेडियो और फ़िल्म पटकथाएँ लिखीं। फ्रेंच और रूसी लेखकों से प्रभावित, वामपंथी सोच वाले मंटो के लेखन में सच्चाई को ऐसे पेश करने की ताकत है जो लंबे अर्से तक पाठक के दिलोदिमाग पर अपनी पकड़ बनाए रखती है। 2012 में पूरे हिन्दुस्तान में मनाई गई मंटो की जन्म-शताब्दी इस बात का सबूत है कि मंटो आज भी अपने पाठकों और प्रशंसकों के लिए ज़िंदा हैं।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eप्रकाशक : राजपाल एण्ड सन्ज \u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"Akshardhara Book Gallery","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":50975616860482,"sku":"9789386534293","price":212.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0800\/1214\/9058\/files\/14booauranykahaniya-F.jpg?v=1751888373"},{"product_id":"meri-shreshtha-kavitayen-मेरी-श्रेष्ठ-कविताएं","title":"Meri Shreshtha Kavitayen ( मेरी श्रेष्ठ कविताएं )","description":"\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eमेरी श्रेष्ठ कविताएं \u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eकालजयी रचना ‘मधुशाला’ के रचयिता हरिवंशराय बच्चन हिन्दी के सबसे लोकप्रिय कवि हैं जिनकी गिनती बीसवीं सदी के अग्रगण्य कवियों में सबसे ऊपर है। इस संकलन को स्वयं बच्चन जी ने तैयार किया था। इसमें उन्होंने अपनी सभी काव्य रचनाओं में जो उनकी नज़र में श्रेष्ठ थीं-उन्हें इसमें सम्मिलित किया। अलग-अलग समय, परिस्थिति और जीवन के पड़ाव के विभिन्न रंगों को दर्शाती ये कविताएं कवि की सम्पूर्ण काव्य-यात्रा से परिचित कराती हैं।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eप्रकाशक : राजपाल एंड सन्ज़ \u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"Akshardhara Book Gallery","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":50981389205826,"sku":"9788170283140","price":675.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0800\/1214\/9058\/files\/19HarivanshrayBacchan-F.jpg?v=1752054688"},{"product_id":"sahir-ludhianavi-साहिर-लुधियानवी","title":"Sahir Ludhianavi ( साहिर लुधियानवी )","description":"\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eसाहिर लुधियानवी \u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eसाहिर ने जब लिखना शुरू किया तब इक़बाल, जोश, फैज़, फ़िराक़, वगैरह शायरों की तूती बोलती थी, पर उन्होंने अपना जो विशेष लहज़ा और रूख अपनाया, उससे न सिर्फ उन्होंने अपनी अलग जगह बना ली बल्कि वे भी शायरी की दुनियाpar छ गये। प्रेम के दुःख-दर्द के अलावा समाज की विषमताओं के प्रति जो आक्रोश हमें  शायरी में मिलता है, वह उन्होंने अपना विशिष्ट स्थान दिलाता है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eप्रकाशक : राजपाल एंड सन्ज़ \u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"Akshardhara Book Gallery","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":50981417681218,"sku":"9789350641989","price":158.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0800\/1214\/9058\/files\/20Sahirludhiyanvi-F.jpg?v=1752055351"},{"product_id":"akbar-ilahabadi-अकबर-इलाहाबादी","title":"Akbar Ilahabadi ( अकबर इलाहाबादी )","description":"\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eअकबर इलाहाबादी \u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cstrong\u003e\u003cbr\u003eप्रकाशक : राजपाल अँड सन्ज \u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"Akshardhara Book Gallery","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":50990433075522,"sku":"9789393267078","price":158.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0800\/1214\/9058\/files\/24akbarilahabadi-F.jpg?v=1752227460"},{"product_id":"gunahon-ka-devta-गुनाहों-का-देवता","title":"Gunahon Ka Devta (गुनाहों का देवता)","description":"\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eगुनाहों का देवता\u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eगुनाहों का देवता - धर्मवीर भारती के इस उपन्यास का प्रकाशन और इसके प्रति पाठकों का अटूट सम्मोहन हिन्दी साहित्य-जगत् की एक बड़ी उपलब्धि बन गये हैं। दरअसल, यह उपन्यास हमारे समय में भारतीय भाषाओं की सबसे अधिक बिकनेवाली लोकप्रिय साहित्यिक पुस्तकों में पहली पंक्ति में है। लाखों-लाख पाठकों के लिए प्रिय इस अनूठे उपन्यास की माँग आज भी वैसी ही बनी हुई है जैसी कि इसके प्रकाशन के प्रारम्भिक वर्षों में थी।—और इस सबका बड़ा कारण शायद एक समर्थ रचनाकार की कोई अव्यक्त पीड़ा और एकान्त आस्था है, जिसने इस उपन्यास को एक अद्वितीय कृति बना दिया है\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eप्रकाशक : राजपाल अँड सन्ज\u003c\/strong\u003e \u003c\/p\u003e","brand":"Akshardhara Book Gallery","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":50990509359426,"sku":"9789355182449","price":269.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0800\/1214\/9058\/files\/25gunahonkadevata-F.jpg?v=1752229750"},{"product_id":"aaj-ke-prasiddh-shayar-bashir-badra-आज-के-प्रसिद्ध-शायर-बशीर-बद्र","title":"Aaj Ke Prasiddh Shayar - Bashir Badra (  आज के प्रसिद्ध शायर - बशीर बद्र )","description":"\u003cp\u003e\u003cstrong\u003e आज के प्रसिद्ध शायर - बशीर बद्र \u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eबशीर बद्र मुहब्बत के शायर हैं और उनकी शायरी का एक-एक लफ़ज़ इसका गवाह हैं मुहब्बत हैं-जहाँ तक पहुंचे। यह संकलन उनकी समूची शायरी का प्रतिनिधित्व करता हैं।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eप्रकाशक : राजपाल अँड सन्ज\u003c\/strong\u003e \u003c\/p\u003e","brand":"Akshardhara Book Gallery","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":50990543896898,"sku":"9789350640753","price":225.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0800\/1214\/9058\/files\/29Bashirbadra-F.jpg?v=1752232035"},{"product_id":"aaj-ke-prasidh-shayar-kaifi-azmi-आज-के-प्रसिद्ध-शायर-कैफ़ी-आज़मी","title":"Aaj ke Prasiddh Shayar - Kaifi Azmi ( आज के प्रसिद्ध शायर - कैफ़ी आज़मी )","description":"\u003cp\u003e\u003cstrong\u003e आज के प्रसिद्ध शायर - कैफ़ी आज़मी \u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cdiv id=\"bookDescription_feature_div\" class=\"celwidget\" data-feature-name=\"bookDescription\" data-csa-c-type=\"widget\" data-csa-c-content-id=\"bookDescription\" 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बड़े प्रभावी शब्दों में सामने रखता है बल्कि उन्हें अपने हक़ के लिए लड़ने की ताक़त भी देता है, वहाँ दूसरी तरफ उर्दू शायरी के प्रमुख विषय, हुस्न और इश्क, के लिए भी एक से एक बढ़कर नज़राने पेश करता है। उन्होंने फिल्मों के लिए भी बहुत से गीत लिखे जो आम और खास दोनों द्वारा बहुत पसन्द किए गए।\u003cbr\u003eइस पुस्तक में उनकी चुनी हुई शायरी पेश की गई है। उनका परिचय उनकी बेटी प्रसिद्ध अभिनेत्री और समाज सेविका शबाना आज़मी करा रही हैं– जो अपने आप में परिचय-लेखन की एक मिसाल है। यह उन्होंने अंग्रेज़ी में लिखा था और इसका खूबसूरत तर्जुमा जावेद अख्तर साहब ने किया है।\u003c\/span\u003e\u003c\/div\u003e\n\u003cdiv data-expanded=\"false\" class=\"a-expander-content a-expander-partial-collapse-content\"\u003e\u003cspan\u003e\u003c\/span\u003e\u003c\/div\u003e\n\u003cdiv data-expanded=\"false\" class=\"a-expander-content a-expander-partial-collapse-content\"\u003e\u003cstrong\u003eप्रकाशक : राजपाल अँड सन्ज \u003c\/strong\u003e\u003c\/div\u003e\n\u003c\/div\u003e\n\u003c\/div\u003e\n\u003cdiv 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पर खौफ़ के साये लहराते रहते हैं, खूबसूरत चित्रण बडी बारीकी से मिलता है। साथ ही हैं हुस्न और इश्क उनकी शायरी का एक नुमाया रंग है जिसे उन्होंने अपने ही अंदाज में रंगा है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eप्रकाशक : राजपाल अँड सन्ज \u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"Akshardhara Book Gallery","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":50990563328322,"sku":"9788170283874","price":225.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0800\/1214\/9058\/files\/31ahamadfaraz-F.jpg?v=1752233246"},{"product_id":"aaj-ke-prasiddh-shayar-nida-fazli-आज-के-प्रसिद्ध-शायर-निदा-फ़ाज़ली","title":"Aaj Ke Prasiddh Shayar - Nida Fazli (  आज के प्रसिद्ध शायर - निदा फ़ाज़ली )","description":"\u003cp\u003e\u003cstrong\u003e आज के प्रसिद्ध शायर - निदा फ़ाज़ली \u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eभारत के उर्दू शायरों में निदा फ़ाज़ली आज एक महत्त्वपूर्ण नाम है। उन्होंने नई शैली में नए विषयों पर लिखकर शायरी को एक नया मोड़ दिया है। उनके कलाम में देश की ज़िन्दगी अपने लोकरंगों के लिबास में पूरी तरह मौजूद है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eप्रकाशक : राजपाल अँड सन्ज \u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"Akshardhara Book Gallery","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":50990574731586,"sku":"9789350641040","price":212.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0800\/1214\/9058\/files\/32nidafazali-F.jpg?v=1752233762"},{"product_id":"khamoshi-ke-aanchal-mein-खामोशी-के-आंचल-में","title":"Khamoshi Ke Aanchal Mein ( खामोशी के आंचल में )","description":"\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eखामोशी के आंचल में \u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eप्रकाशक : राजपाल अँड सन्ज \u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"Akshardhara Book Gallery","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":50990587969858,"sku":"9789350642801","price":225.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0800\/1214\/9058\/files\/33khamoshikeaachalme-F.jpg?v=1752234421"},{"product_id":"aaj-ke-prasiddh-shayar-shaharyar-आज-के-प्रसिद्ध-शायर-शहरयार","title":"Aaj Ke Prasiddh Shayar - Shaharyar (  आज के प्रसिद्ध शायर -शहरयार )","description":"\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eआज के प्रसिद्ध शायर -शहरयार\u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eप्रकाशक : राजपाल अँड सन्ज \u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"Akshardhara Book Gallery","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":50990624801090,"sku":"9788170289791","price":212.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0800\/1214\/9058\/files\/34shaharyar-F.jpg?v=1752235598"},{"product_id":"deewaron-ke-saye-mein-दीवारों-के-साये-में","title":"Deewaron Ke Saye Mein ( दीवारों के साये में )","description":"\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eदीवारों के साये में \u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e' तिरिया जनम झन देव ' या काहे को दीनो यह मनुआ रामजी, काहे को दीनी यह काया- यह इस कृति का मर्म बिन्दु है जिस में संसार में नारी की स्थिति, पीड़ा, विडम्बना और विसंगतियों को मुखर किया गया है। इसमें वास्तविक नारी चरित्रों पर लिखी अनेक कहानियां भी हैं जिनमें लेखिका ने समाज की और मन की दीवारों से आरंभ करके कारागार की दीवारों तक इन सभी से बंद स्त्री-पुरुषों का मार्मिक चित्रण किया है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eप्रकाशक : राजपाल एंड सन्ज \u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"Akshardhara Book Gallery","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":50992428024130,"sku":"9788170287131","price":135.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0800\/1214\/9058\/files\/36deewaronkesayeme-F.jpg?v=1752313667"},{"product_id":"raat-bhaari-hai-रात-भरी-है","title":"Raat Bhaari Hai ( रात भारी है )","description":"\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eरात भरी है \u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eपाकिस्तान के नामी-गिरामी लेखकों की कहानियाँ तथा रचनाएँ जिनमें उन्होंने मज़हब और राजनीति की तानाशाही को ललकारा है - अमृता प्रीतम द्वारा प्रस्तुति। \"मेरे दिल की बस्तियाँ कई हैं, जिनमें से कई वीरान हो चुकी हैं....मेरे ननिहाल का और ददिहाल का, दोनों गाँव इस तरह छूट गए, जैसे किसी बच्चे से उसकी माँ छूट जाए। सियासत वालों ने मिलकर मुल्क बाँट लिया। लोग तक़सीम कर लिये। पंजाब भी तक़सीम हुआ है। मेरे हिस्से का पंजाब भारत बन गया। अमृता और कृश्न चंदर का पंजाब पाकिस्तान बन गया.....मेरा सतलुज दरिया कांग्रेस वालों ने ले लिया, उनका रावी मुस्लिम लीग वाले ले गए...\" - अफ़ज़ल तौसीफ़ \"मेरे ख़्याल में लेखक वह होता है, जो किसी तानाशाह के जुल्मों से कम्प्रोमाईज़ नही करता। उसकी कमिटमैंट लोगों के साथ होती है। जिस अहद में वह जीता है, उस अहद में अपने इर्द-गिर्द के लोगों की पीड़ा और प्यास से अपने को आइडैन्टीफाई करता है.....\" - फ़ख़्र ज़मां\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eप्रकाशक : राजपाल एंड सन्ज \u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"Akshardhara Book Gallery","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":50992472621378,"sku":"9789350641163","price":248.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0800\/1214\/9058\/files\/37raatbharihai-F.jpg?v=1752316683"},{"product_id":"kaili-kamini-aur-anita-कैली-कामिनी-और-अनीता","title":"Kaili Kamini Aur Anita ( कैली कामिनी और अनीता )","description":"\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eकैली कामिनी और अनीता \u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eअनीता 'एक थी अनीता’ उपन्यास की नायिका है जिसके पैरों के सामने कोई रास्ता नहीँ, लेकिन वह चल देती हैं – कोई आवाज़ हैं, जाते कहां से उठतीं है और उसे बुलाती है... केली 'रंग का पत्ता' उपन्यास की नायिका हैं, एक गांव की लड़की और कामिनी \"दिल्ली की गलियां' उपन्यास की नायिका है, एक पत्रकार। इनके हालात में स्थाई समानता नहीं, वे बरसों की जिन संकरी गलियों से गुजरती है, वे भी एक दूसरी की पहचान में नहीं आ सकती। लेकिन एक चेतना है, जो इन तीनो के अंतर से एक सी पनपती हैl वक्त कब और कैसे एक करवट लेता यह तीन अलग-अलग वार्ताओं की अलग-अलग जमीन की बात है। लेकिन इन तीनों का एक साथ प्रकाशन, तीन अलग-अलग दिशाओं से उस एक व्यथा को समझ लेने जैसा है, जो एक जर्जर बन कर उनके प्राणों में धड़कती है। मुहब्बत से बडा जादू इस दुनिया में नहीं हैं। उसी जादू से लिपटा हुआ एक किरदार कहता है - \"इस गांव में जहां कैली बसती है, मेरी मुहब्बत की लाज बसती है' और इसी जादू से लिपटा हुआ कोई ओर किरदार कहता है-\"प्रिय तुम्हें देखा तो मैंने खुदा की जात पहचान ली \" जब कहीं कोई आवाज़ नहीं, किसी को अहसास होता हैं कि कुछेक क्षण थे, कुछेक स्पर्श ओर कुछेक कम्पन, और वे सब किसी भाषा के अक्षर थे, कुछ पल ऐसे भी होते है, जो भविष्य से टूटे हुए होते है, फिर भी सांसों म बस जाते है, प्राणी से धड़कते है शमां की तरह जलती पिघलती सोचती है यहीं तो आग की एक लपट है, जिसकी रोशनी में खुद को पहचाना है...' - अमृता प्रीत\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eप्रकाशक : राजपाल एंड सन्ज \u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"Akshardhara Book Gallery","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":50992483238210,"sku":"9789350643693","price":315.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0800\/1214\/9058\/files\/39kailikaminiauranita-F.jpg?v=1752317441"},{"product_id":"jalte-bujhte-log-जलते-बुझते-लोग","title":"Jalte Bujhte Log ( जलते बुझते लोग )","description":"\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eजलते बुझते लोग \u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e\"एक ही पुस्तक में तीन लघु उपन्यास जलावतन-तन के थोड़े-से बरसों में, मन की अन्तर-सतह में उतर जाने की वह कहानी है, जो जलते बुझते अक्षरों में लिपटी हुई है - जेबकतरे- यह एक उदास नस्ल की वह कहानी है, जिसमें किरदारों के पैर जिन्दा हैं, पैरों के लिए रास्ते मर गए हैं - कच्ची सड़क- उठती जवानी में किस तरह एक कम्पन किसी के अहसास में उतर जाता है कि पैरों तले से विश्वास की ज़मीन खो जाती है- यही बहक गए बरसों के धागे इस कहानी में लिपटते भी हैं, मन-बदन की सालते भी हैं, और हाथ की पकड़ में आते भी हैं - ये तीनों लघु उपन्यास उन किरदारों को लिए हुए हैं, जो उठती जवानी में चिन्तन की यात्रा में चल दिए हैं। और इन तीनों का इकट्ठा प्रकाशन समय और समाज का एक अध्ययन होगा।\"\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eप्रकाशक : राजपाल एंड सन्ज \u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"Akshardhara Book Gallery","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":50992495886658,"sku":"9789350643310","price":269.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0800\/1214\/9058\/files\/38jalatebuzatelog-F.jpg?v=1752317708"},{"product_id":"thanda-gosht-aur-anya-kahaniyan-ठंडा-गोश्त-और-अन्य-कहानियाँ","title":"Thanda Gosht Aur Anya Kahaniyan ( ठंडा गोश्त और अन्य कहानियाँ )","description":"\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eठंडा गोश्त और अन्य कहानियाँ \u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eअगर आपको मेरी कहानियाँ अश्लील या गन्दी लगती है , तो जिस समाज में आप रह रहे है , वह अश्लील और गन्दा है। मेरी कहानियाँ तो केवल सच दर्शाती है .....अक्सर ऐसा कहते थे मंटो जब उन पर अश्लीलता के इल्ज़ाम लगते। बेबाक सच लिखने वाले मंटो बहुत से ऐसे मुद्दों पर भी लिखते जिन्हें उस समय के समाज में बंद दरवाज़ों के पीछे दबा कर, छुपा कर रखा जाता था। सच सामने लाने के साथ, कहानी कहने की अपनी बेमिसाल अदा और उर्दू जबान पर बेजोड़ पकड़ ने सआदत हसन मंटो को कहानी का बेताज बादशाह बना दिया। मात्र 43 सालों की ज़िन्दगी में उन्होंने 200 से अधिक कहानियाँ, एक उपन्यास, तीन निबन्ध संग्रह और अनेक नाटक ,रेडियो और फिल्म पटकथाएं लिखीं। फ्रेंच और रूसी लेखको से प्रभावित, वामपंथी सोच वाले मंटो के लेखन में सच्चाई को पेश करने की ताकत है जो लम्बे अरसे तक पाठक के दिलो दिमाग पर अपनी पकड़ बनाए रखती है। 2012 मे पूरे हिंदुस्तान में मनाई गयी मंटो की जन्म-शताब्दी इस बात का सबूत है की मंटो आज भी अपने पाठकों और प्रशंसकों के लिए ज़िंदा हैं।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eप्रकाशन : राजपाल एंड सन्ज \u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"Akshardhara Book Gallery","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":50996674789698,"sku":"9789350643808","price":212.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0800\/1214\/9058\/files\/40thandagoshtauranyakahaniya-F.jpg?v=1752489224"},{"product_id":"majaz-मजाज़-hindi-book","title":"Lokpriya Shayar Aur Unki Shayari : Majaz (लोकप्रिय शायर और उनकी शायरी : मजाज़ )","description":"\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eमजाज़ \u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cstrong\u003e\u003cbr\u003eप्रकाशक : - राजपाल एंड सन्ज \u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"Akshardhara Book Gallery","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":51006361043266,"sku":"9789350643846","price":158.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0800\/1214\/9058\/files\/66majaj-F.jpg?v=1752735505"},{"product_id":"sardar-jafri-सरदार-जाफ़री","title":"Lokpriya Shayar Aur Unki Shayari : Sardar Jafri ( लोकप्रिय शायर और उनकी शायरी : सरदार जाफ़री )","description":"\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eसरदार जाफ़री \u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e\"इस अत्यंत लोकप्रिय पुस्तक-माला की शुरुआत 1960 के दशक में हुई जब पहली बार नागरी लिपि में उर्दू की चुनी हुई शायरी के संकलन प्रकाशित कर राजपाल एंड सन्स ने हिंदी पाठकों को उर्दू शायरी का लुत्फ़ उठाने का अवसर प्रदान किया। इस पुस्तक-माला का संपादन उर्दू के सुप्रसिद्ध संपादक प्रकाश पंडित ने किया था। हर पुस्तक में शायर के संपूर्ण लेखन में से बेहतरीन शायरी का चयन है और पाठकों की सुविधा के लिए कठिन शब्दों के अर्थ भी दिए हैं। प्रकाश पंडित ने हर शायर के जीवन और लेखन पर- जिनमें से कुछ समकालीन शायर उनके परिचित भी थे- रोचक और चुटीली भूमिकाएं लिखी हैं। आज तक इस पुस्तक-माला के अनगिनत संस्करण छप चुके हैं। अब इसे एक नई साज-सज्जा में प्रस्तुत किया जा रहा है जिसमें उर्दू शायरी के जानकार सुरेश सलिल ने हर पुस्तक में अतिरिक्त सामग्री जोड़ी है।\"\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eप्रकाशक : - राजपाल एंड 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Title","offer_id":51006977409346,"sku":"9789350642429","price":158.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0800\/1214\/9058\/files\/69ikbai-F_02ccb183-2669-4d60-aa5b-6ffb77a103f1.jpg?v=1752744137"},{"product_id":"mazruh-sultanpuri-मजरूह-सुलतानपुरी","title":"Lokpriya Shayar Aur Unki Shayari : Mazruh Sultanpuri ( लोकप्रिय शायर और उनकी शायरी : मजरूह सुलतानपुरी )","description":"\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eमजरूह सुलतानपुरी \u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eइस अत्यंत लोकप्रिय पुस्तक-माला की शुरुआत 1960 के दशक में हुई जब पहली बार नागरी लिपि में उर्दू की चुनी हुई शायरी के संकलन प्रकाशित कर राजपाल एण्ड सन्ज़ ने हिन्दी पाठकों को उर्दू शायरी का लुत्फ़ उठाने का अवसर प्रदान किया। इस पुस्तक-माला का संपादन उर्दू के सुप्रसिद्ध संपादक प्रकाश पंडित ने किया था। हर पुस्तक में शायर के संपूर्ण लेखन में से बेहतरीन शायरी का चयन है और पाठकों की सुविधा के लिए कठिन शब्दों के अर्थ भी दिए हैं। प्रकाश पंडित ने हर शायर के जीवन और लेखन पर-जिनमें से कुछ समकालीन शायर उनके परिचित भी थे-रोचक और चुटीली भूमिकाएं लिखी हैं। आज तक इस पुस्तक-माला के अनगिनत संस्करण छप चुके हैं। अब इसे एक नई साज-सज्जा में प्रस्तुत किया जा रहा है जिसमें उर्दू शायरी के जानकार सुरेश सलिल ने हर पुस्तक में अतिरिक्त सामग्री जोड़ी है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eप्रकाशक : - राजपाल एंड सन्ज \u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"Akshardhara Book Gallery","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":51006993793346,"sku":"9789350641996","price":158.0,"currency_code":"INR","in_stock":false}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0800\/1214\/9058\/files\/71majroohsultanpuri-F.jpg?v=1752744777"},{"product_id":"lokpriya-shayar-aur-unki-shayari-jigar-moradabadi-लोकप्रिय-शायर-और-उनकी-शायरी-जिगर-मुरादाबादी","title":"Lokpriya Shayar Aur Unki Shayari : Jigar Moradabadi ( लोकप्रिय शायर और उनकी शायरी : जिगर मुरादाबादी )","description":"\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eजिगर मुरादाबादी\u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\"इस अत्यंत लोकप्रिय पुस्तक-माला की शुरुआत 1960 के दशक में हुई जब पहली बार नागरी लिपि में उर्दू की चुनी हुई शायरी के संकलन प्रकाशित कर राजपाल एंड सन्स ने हिंदी पाठकों को उर्दू शायरी का लुत्फ़ उठाने का अवसर प्रदान किया। इस पुस्तक-माला का संपादन उर्दू के सुप्रसिद्ध संपादक प्रकाश पंडित ने किया था। हर पुस्तक में शायर के संपूर्ण लेखन में से बेहतरीन शायरी का चयन है और पाठकों की सुविधा के लिए कठिन शब्दों के अर्थ भी दिए हैं। प्रकाश पंडित ने हर शायर के जीवन और लेखन पर- जिनमें से कुछ समकालीन शायर उनके परिचित भी थे- रोचक और चुटीली भूमिकाएं लिखी हैं। आज तक इस पुस्तक-माला के अनगिनत संस्करण छप चुके हैं। अब इसे एक नई साज-सज्जा में प्रस्तुत किया जा रहा है जिसमें उर्दू शायरी के जानकार सुरेश सलिल ने हर पुस्तक में अतिरिक्त सामग्री जोड़ी है।\"\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eप्रकाशक : - राजपाल एंड सन्ज \u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"Akshardhara Book Gallery","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":51007016010050,"sku":"9789350643891","price":158.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0800\/1214\/9058\/files\/70jigarmuradabadi-F.jpg?v=1752745359"},{"product_id":"lokpriya-shayar-aur-unki-shayari-akhtar-sheerani-लोकप्रिय-शायर-और-उनकी-शायरी-अख़्तर-शीरानी","title":"Lokpriya Shayar Aur Unki Shayari - Akhtar Sheerani ( लोकप्रिय शायर और उनकी शायरी : अख़्तर शीरानी )","description":"\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eलोकप्रिय शायर और उनकी शायरी : अख़्तर शीरानी \u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eइस अत्यंत लोकप्रिय पुस्तक-माला की शुरुआत 1960 के दशक में हुई जब पहली बार नागरी लिपि में उर्दू की चुनी हुई शायरी के संकलन प्रकाशित कर राजपाल एण्ड सन्ज़ ने हिन्दी पाठकों को उर्दू शायरी का लुत्फ़ उठाने का अवसर प्रदान किया। इस पुस्तक-माला का संपादन उर्दू के सुप्रसिद्ध संपादक प्रकाश पंडित ने किया था। हर पुस्तक में शायर के संपूर्ण लेखन में से बेहतरीन शायरी का चयन है और पाठकों की सुविधा के लिए कठिन शब्दों के अर्थ भी दिए हैं। प्रकाश पंडित ने हर शायर के जीवन और लेखन पर - जिनमें से कुछ समकालीन शायर उनके परिचित भी थे - रोचक और चुटीली भूमिकाएं लिखी हैं।\u003c\/span\u003e\u003cbr\u003e\u003cspan\u003eआज तक इस पुस्तक-माला के अनगिनत संस्करण छप चुके हैं। अब इसे एक नई साज-सज्जा में प्रस्तुत किया जा रहा है जिसमें उर्दू शायरी के जानकार सुरेश सलिल ने अतिरिक्त सामग्री जोड़ी है।\u003c\/span\u003e\u003cbr\u003e\u003cspan\u003eपद्मश्री और ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित सरदार जाफ़री (1913-2000) की शायरी में इंक़लाब, धर्मनिरपेक्षता और देश-प्रेम की भावना झलकती है. वामपंथी विचार रखने वाले सरदार जाफ़री प्रगतिशील लेखक थे जो कई सामाजिक, साहित्यिक और राजनैतिक आंदोलनों के साथ जुड़े थे. शायर होने के साथ वे उपन्यासकार और आलोचक भी थे. उन्होंने कई फ़िल्मों के लिये गीत लिखे. इस पुस्तक में सम्मिलित नज़्में और ग़ज़लें उन्होंने जेल में लिखीं जिनमें मशहूर नज़्म ‘पत्थर की दीवार’ भी है.\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eप्रकाशक : - राजपाल एंड सन्ज \u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"Akshardhara Book Gallery","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":51007047729474,"sku":"9789386534064","price":113.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0800\/1214\/9058\/files\/72AkhtarShirani-F.jpg?v=1752746544"},{"product_id":"lokpriya-shayar-aur-unki-shayari-daag-लोकप्रिय-शायर-और-उनकी-शायरी-दाग़","title":"Lokpriya Shayar Aur Unki Shayari - Daag ( लोकप्रिय शायर और उनकी शायरी : दाग़ )","description":"\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eलोकप्रिय शायर और उनकी शायरी : दाग़ \u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eइस अत्यंत लोकप्रिय पुस्तक-माला की शुरुआत 1960 के दशक में हुई जब पहली बार नागरी लिपि में उर्दू की चुनी हुई शायरी के संकलन प्रकाशित कर राजपाल एण्ड सन्ज़ ने हिन्दी पाठकों को उर्दू शायरी का लुत्फ़ उठाने का अवसर प्रदान किया। शृंखला की हर पुस्तक में शायर के संपूर्ण लेखन में से बेहतरीन शायरी का चयन है और पाठकों की सुविधा के लिए कठिन शब्दों के अर्थ भी दिये हैं; और साथ ही हर शायर के जीवन और लेखन पर रोचक भूमिका भी है। आज तक इस पुस्तक-माला के अनगिनत संस्करण छप चुके हैं। अब इसे एक नई साज-सज्जा में प्रस्तुत किया जा रहा है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eप्रकाशक : - राजपाल एंड सन्ज \u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"Akshardhara Book Gallery","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":51007084593474,"sku":"9789389373134","price":158.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0800\/1214\/9058\/files\/73-dag-F.jpg?v=1752747161"},{"product_id":"lokpriya-shayar-aur-unki-shayari-josh-malihabadi-लोकप्रिय-शायर-और-उनकी-शायरी-जोश-मलीहाबादी","title":"Lokpriya Shayar Aur Unki Shayari - Josh Malihabadi ( लोकप्रिय शायर और उनकी शायरी : जोश मलीहाबादी )","description":"\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eजोश मलीहाबादी \u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eइस अत्यंत लोकप्रिय पुस्तक-माला की शुरुआत 1960 के दशक में हुई जब पहली बार नागरी लिपि में उर्दू की चुनी हुई शायरी के संकलन प्रकाशित कर राजपाल एंड सन्स ने हिंदी पाठकों को उर्दू शायरी का लुत्फ़ उठाने का अवसर प्रदान किया। इस पुस्तक-माला का संपादन उर्दू के सुप्रसिद्ध संपादक प्रकाश पंडित ने किया था। हर पुस्तक में शायर के संपूर्ण लेखन में से बेहतरीन शायरी का चयन है और पाठकों की सुविधा के लिए कठिन शब्दों के अर्थ भी दिए हैं। प्रकाश पंडित ने हर शायर के जीवन और लेखन पर- जिनमें से कुछ समकालीन शायर उनके परिचित भी थे- रोचक और चुटीली भूमिकाएं लिखी हैं। आज तक इस पुस्तक-माला के अनगिनत संस्करण छप चुके हैं। अब इसे एक नई साज-सज्जा में प्रस्तुत किया जा रहा है जिसमें उर्दू शायरी के जानकार सुरेश सलिल ने हर पुस्तक में अतिरिक्त सामग्री जोड़ी है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eप्रकाशक : - राजपाल एंड सन्ज \u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"Akshardhara Book Gallery","offers":[{"title":"Default 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Unki Shayari - Nazir Akbarabadi ( लोकप्रिय शायर और उनकी शायरी : नज़ीर अकबराबादी )","description":"\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eनज़ीर अकबराबादी \u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e\"इस अत्यंत लोकप्रिय पुस्तक-माला की शुरुआत 1960 के दशक में हुई जब पहली बार नागरी लिपि में उर्दू की चुनी हुई शायरी के संकलन प्रकाशित कर राजपाल एंड सन्स ने हिंदी पाठकों को उर्दू शायरी का लुत्फ़ उठाने का अवसर प्रदान किया। इस पुस्तक-माला का संपादन उर्दू के सुप्रसिद्ध संपादक प्रकाश पंडित ने किया था। हर पुस्तक में शायर के संपूर्ण लेखन में से बेहतरीन शायरी का चयन है और पाठकों की सुविधा के लिए कठिन शब्दों के अर्थ भी दिए हैं। प्रकाश पंडित ने हर शायर के जीवन और लेखन पर- जिनमें से कुछ समकालीन शायर उनके परिचित भी थे- रोचक और चुटीली भूमिकाएं लिखी हैं। आज तक इस पुस्तक-माला के अनगिनत संस्करण छप चुके हैं। अब इसे एक नई साज-सज्जा में प्रस्तुत किया जा रहा है जिसमें उर्दू शायरी के जानकार सुरेश सलिल ने हर पुस्तक में अतिरिक्त सामग्री जोड़ी है।\"\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eप्रकाशक : - राजपाल एंड सन्ज \u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"Akshardhara Book Gallery","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":51007184896322,"sku":"9789386534224","price":126.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0800\/1214\/9058\/files\/77nazeerakbarabadi-F.jpg?v=1752751336"},{"product_id":"lokpriya-shayar-aur-unki-shayari-meeraji-लोकप्रिय-शायर-और-उनकी-शायरी-मीराजी","title":"Lokpriya Shayar Aur Unki Shayari : Meeraji ( लोकप्रिय शायर और उनकी शायरी : मीराजी )","description":"\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eमीराजी \u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eइस अत्यंत लोकप्रिय पुस्तक-माला की शुरुआत 1960 के दशक में हुई जब पहली बार नागरी लिपि में उर्दू की चुनी हुई शायरी के संकलन प्रकाशित कर राजपाल एण्ड सन्ज़ ने हिन्दी पाठकों को उर्दू शायरी का लुत्फ़ उठाने का अवसर प्रदान किया। शृंखला की हर पुस्तक में शायर के संपूर्ण लेखन में से बेहतरीन शायरी का चयन है और पाठकों की सुविधा के लिए कठिन शब्दों के अर्थ भी दिये हैं; और साथ ही हर शायर के जीवन और लेखन पर रोचक भूमिका भी है। आज तक इस पुस्तक-माला के अनगिनत संस्करण छप चुके हैं। अब इसे एक नई साज-ज्जा में प्रस्तुत किया जा रहा है। मोहम्मद सनाउल्लाह ‘सानी’ डार (25 मई 1912 - 3 नवम्बर 1949) समृद्ध कश्मीरी परिवार में जन्मे एक आज़ाद फ़ितरत के घुमक्कड़ व्यक्ति थे। उनके आज़ाद ख़यालात उनकी शायरी में भी झलकते हैं। उर्दू में आज़ाद छंद के अग्रदूत माने जाने वाले मीराजी ने शायरी में हिन्दी शब्दों का काफी प्रयोग किया। कहा जाता है कि उन्हें एक बंगाली युवती मीरा सेन से इश्क हो गया था लेकिन यह मोहब्बत एकतरफ़ा थी। अपनी महबूबा के लिए उन्होंने अपना घर-परिवार सब छोड़ दिया यहाँ तक कि अपना नाम भी मीराजी रख लिया और इसी नाम से वे उर्दू शायरी में जाने जाते हैं।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eप्रकाशक : - राजपाल एंड सन्ज \u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"Akshardhara Book Gallery","offers":[{"title":"Default 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और लेखन पर- जिनमें से कुछ समकालीन शायर उनके परिचित भी थे- रोचक और चुटीली भूमिकाएं लिखी हैं। आज तक इस पुस्तक-माला के अनगिनत संस्करण छप चुके हैं। अब इसे एक नई साज-सज्जा में प्रस्तुत किया जा रहा है जिसमें उर्दू शायरी के जानकार सुरेश सलिल ने हर पुस्तक में अतिरिक्त सामग्री जोड़ी है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eप्रकाशक : - राजपाल एंड सन्ज \u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"Akshardhara Book Gallery","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":51007197053250,"sku":"9789350643136","price":158.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0800\/1214\/9058\/files\/79meertakimir-F.jpg?v=1752752098"},{"product_id":"lokpriya-shayar-aur-unki-shayari-firaq-gorakhpuri-लोकप्रिय-शायर-और-उनकी-शायरी-फ़िराक़-गोरखपुरी","title":"Lokpriya Shayar Aur Unki Shayari - Firaq Gorakhpuri ( लोकप्रिय शायर और उनकी शायरी : फ़िराक़ गोरखपुरी ) )","description":"\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eफ़िराक़ गोरखपुरी \u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eप्रकाशक : - राजपाल एंड सन्ज \u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"Akshardhara Book Gallery","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":51007204065602,"sku":"9789350641972","price":158.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0800\/1214\/9058\/files\/80firakhgorakhpuri-F.jpg?v=1752752515"},{"product_id":"lokpriya-shayar-aur-unki-shayari-ghalib-लोकप्रिय-शायर-और-उनकी-शायरी-ग़ालिब","title":"Lokpriya Shayar Aur Unki Shayari - Ghalib ( लोकप्रिय शायर और उनकी शायरी : ग़ालिब )","description":"\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eग़ालिब\u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eप्रकाशक : - राजपाल एंड सन्ज \u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"Akshardhara Book Gallery","offers":[{"title":"Default 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बेताज बादशाह बना दिया। मात्र 43 सालों की ज़िंदगी में उन्होंने 200 से अधिक कहानियाँ, एक उपन्यास, तीन निबन्ध-संग्रह और अनेक नाटक, रेडियो और फ़िल्म पटकथाएँ लिखीं। फ्रेंच और रूसी लेखकों से प्रभावित, वामपंथी सोच वाले मंटो के लेखन में सच्चाई को ऐसे पेश करने की ताकत है जो लंबे अर्से तक पाठक के दिलोदिमाग पर अपनी पकड़ बनाए रखती है। 2012 में पूरे हिन्दुस्तान में मनाई गई मंटो की जन्म-शताब्दी इस बात का सबूत है कि मंटो आज भी अपने पाठकों और प्रशंसकों के लिए ज़िंदा हैं।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eप्रकाशक : - राजपाल एंड सन्ज \u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"Akshardhara Book Gallery","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":51007221465410,"sku":"9789386534088","price":212.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0800\/1214\/9058\/files\/82manto-F.jpg?v=1752753243"}],"url":"https:\/\/akshardhara.com\/collections\/rajpal-and-sons.oembed","provider":"Akshardhara Book 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