{"product_id":"almost-pyar","title":"Almost Pyar  (अलमोस्ट प्यार)","description":"\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eAlmost Pyar  (अलमोस्ट प्यार)\u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eहिंदी को नई पीढ़ी के पाठकों के बीच लोकप्रिय बनाने और 'नई वाली हिंदी' को एक पहचान दिलाने में दिव्य प्रकाश दुबे की बहुत अहम भूमिका रही है। कहानियाँ कहने और सुनाने के अलग-अलग माध्यमों में उन्होंने लगातार हाथ आज़माया है-किताबों से लेकर ऑडियो, लाइव स्टोरीटेलिंग और स्क्रीन तक।\u003c\/span\u003e\u003cbr\u003e\u003cspan\u003eपिछले तेरह सालों में दिव्य प्रकाश दुबे ने आठ किताबें लिखीं - 'शर्तें लागू', 'मसाला चाय', ‘मुसाफ़िर कैफ़े’, ‘अक्टूबर जंक्शन', 'इब्नेबतूती', 'आको-बाको', 'यार पापा' और 'टेंशन मत ले यार'। इनमें से ‘मुसाफ़िर कैफ़े' अब Netflix पर एक सीरीज़ के रूप में भी दर्शकों तक पहुँच चुकी है।\u003c\/span\u003e\u003cbr\u003e\u003cspan\u003eसात Audible Originals, देश भर में लाइव स्टोरीटेलिंग शो और मणिरत्नम के साथ फिल्मों में काम करने जैसी उपलब्धियाँ भी उनके नाम हैं। लेकिन शायद उन्हें सबसे ज़्यादा खुशी इस बात की है कि इन कहानियों ने उन्हें लिखते रहने दिया।\u003c\/span\u003e\u003cbr\u003e\u003cspan\u003e'आलमोस्ट प्यार' उनकी नौवीं किताब और चौथा कहानी-संग्रह है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eलेखक: दिव्य प्रकाश दुबे \u003c\/strong\u003e\u003cbr\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"Akshardhara Book Gallery","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":67879634960706,"sku":null,"price":269.1,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0800\/1214\/9058\/files\/almosttayar-f.jpg?v=1792840294","url":"https:\/\/akshardhara.com\/products\/almost-pyar","provider":"Akshardhara Book Gallery","version":"1.0","type":"link"}