Skip to product information
1 of 2

Akshardhara Book Gallery

Deewar Mein Ek Khidki Rahti Thi (दीवार में एक खिडकी रहती थी)

Deewar Mein Ek Khidki Rahti Thi (दीवार में एक खिडकी रहती थी)

Regular price Rs.269.10
Regular price Rs.299.00 Sale price Rs.269.10
10% OFF Sold out
Shipping calculated at checkout.

Author: Vinod Kumar Shukla

Publisher: Hind Yugm

Pages: 243

Edition: Latest

Binding: Paperback

Language:Hindi

Translator:

Deewar Mein Ek Khidki Rahti Thi (दीवार में एक खिडकी रहती थी)

विनोद कुमार शुक्ल (जन्म : 1937) भारतीय हिंदी साहित्य के एक अत्यंत समादृत हस्ताक्षर हैं। उन्होंने कविता और कथा में स्वयं को बरतते हुए एक ऐसी अभूतपूर्व भाषा संभव की जिसमें अचरज, सुख और सरोकार साथ-साथ चलते हैं-पठनीयता को बाधित किए बग़ैर । उनके नौ कविता-संग्रह, पाँच कहानी-संग्रह, छह उपन्यास प्रकाशित हैं। संसार की लगभग सभी बड़ी भाषाओं में उनकी रचनाएँ अनूदित हो चुकी हैं। वे रंगमंच और सिनेमा में उतरकर प्रशंसित-पुरस्कृत हो चुकी हैं। 'ज्ञानपीठ पुरस्कार', 'गजानन माधव मुक्तिबोध फ़ेलोशिप', 'राष्ट्रीय मैथिलीशरण गुप्त सम्मान', 'शिखर सम्मान' (म.प्र. शासन), ‘हिंदी गौरव सम्मान' (उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान), ‘रज़ा पुरस्कार', 'दयावती मोदी कवि शेखर सम्मान', 'रघुवीर सहाय स्मृति पुरस्कार' तथा 'दीवार में एक खिड़की रहती थी' के लिए 'साहित्य अकादेमी पुरस्कार' प्राप्त विनोद कुमार शुक्ल को अंतरराष्ट्रीय साहित्य में उपलब्धि के लिए वर्ष 2023 के प्रतिष्ठित पेन/नाबोकोव पुरस्कार (PEN / Nabokov Award) से सम्मानित किया गया है। 23 दिसंबर 2025 को रायपुर में निधन।

लेखक: विनोद कुमार शुक्ल
प्रकाशक: हिन्द युग्म 

View full details