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Karta Ne Karm Se (कर्ता ने कर्म से)
Karta Ne Karm Se (कर्ता ने कर्म से)
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Author: Manav Kaul
Publisher: Hind Yugm
Pages: 207
Edition: Latest
Binding: Paperback
Language:Hindi
Translator:
Karta Ne Karm Se (कर्ता ने कर्म से)
लेखन मानव के मूल स्वभाव में है। मानव के लिए लिखना संसार से उनका संवाद है। दो दशकों से भी अधिक समय से लेखन में सक्रिय मानव ने बीते 6-7 सालों में बहुत सघन लेखन किया है। अब तक मानव की 12 पुस्तकें- 'ठीक तुम्हारे पीछे' (कहानियाँ), ‘प्रेम कबूतर' (कहानियाँ), 'तुम्हारे बारे में' (न कविता, न कहानी), 'बहुत दूर, कितना दूर होता है' (यात्रा-वृत्तांत), 'चलता-फिरता प्रेत' (कहानियाँ), ‘अंतिमा’ (उपन्यास), ‘कर्ता ने कर्म से' (कविताएँ), ‘शर्ट का तीसरा बटन' (उपन्यास), 'रूह' (यात्रा-वृत्तांत), ‘तितली' (उपन्यास), ‘टूटी हुई बिखरी हुई' (उपन्यास) और 'पतझड़' (उपन्यास) प्रकाशित हो चुकी हैं।
लेखक: मानव कौल
प्रकाशक: हिन्द युग्म
