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Kore Kagaj (Hindi Book) | Amrita Pritam book
Kore Kagaj (Hindi Book) | Amrita Pritam book
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Author: Amrita Pritam
Publisher: वाणी प्रकाशन ग्रुप | भारतीय ज्ञानपीठ
Pages:
Edition:
Binding:
Language:Hindi
Translator:
Kore Kagaj (Hindi Book) | Amrita Pritam book
Kore Kagaj (Hindi Book) | Book by Amrita Pritam book | Published by Vani Prakashan
ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित अमृता प्रीतम का महत्त्वपूर्ण लघु उपन्यास है कोरे काग़ज़। नाम ज़रूर है कोरे काग़ज़, मगर एक युवा मन की कितनी कातरता, कितनी बेचैनी इसमें उभरकर आयी है, इसका अनुमान आप उपन्यास प्रारम्भ करते ही लगा लेंगे। चौवीस वर्षीय पंकज को जव यह पता चलता है कि उसकी माँ, उसकी माँ नहीं थी, तब अपनी असली माँ, अपने असली वाप को जानने की तड़प उसे दीवानगी की हदों तक ले जाती है। उसकी अपनी पहचान जैसे खुद उसके लिए अजनबी बन जाती है। कुँवारी माँ का नाजायज़ बेटा-उसका और उसके बाप के बीच एक ही रिश्ता तो कायम रह सकता था-कोरे काग़ज़ का रिश्ता ।
प्रस्तुत है, अमृता प्रीतम के इस मनोहारी उपन्यास कोरे काग़ज़ का नया संस्करण।
