Skip to product information
1 of 2

Akshardhara Book Gallery

Morisaki Bookshop Ke Khushnuma Din (मोरीसाकी बुकशॉप के खुशनुमा दिन)

Morisaki Bookshop Ke Khushnuma Din (मोरीसाकी बुकशॉप के खुशनुमा दिन)

Regular price Rs.299.00
Regular price Rs.299.00 Sale price Rs.299.00
0% OFF Sold out
Shipping calculated at checkout.

Author: Satoshi Yagisava

Publisher: Manjul Publishing House

Pages: 167

Edition: Latest

Binding: Paperback

Language:Hindi

Translator:Madan Soni

मोरीसाकी बुकशॉप के खुशनुमा दिन

टोक्यो के जिम्बोचो इलाके में पुस्तक-प्रेमियों का स्वर्ग छिपा हुआ है। सड़क के एक शान्त कोने में, लकड़ी की एक पुरानी इमारत में सैकड़ों पुरानी पुस्तकों से भरी एक दूकान है। पच्चीस वर्षीय तकाको को पुस्तकें पढ़ना कभी पसन्द नहीं रहा, हालाँकि मोरीसाकी बुकशॉप तीन पीढ़ियों से उसके परिवार का हिस्सा रही है। यह उसके अंकल सातोरू के लिए गर्व और आनन्द का विषय है। उन्होंने अपनी पत्नी मोमोको के चले जाने के बाद अपना पूरा जीवन उस दूकान के लिए समर्पित कर दिया। जब तकाको का प्रेमी उसे बताता है कि वह किसी और से शादी करने जा रहा है, तो उसके अंकल उससे दूकान के ऊपर के छोटे-से कमरे में रहने की पेशकश करते हैं, जिसके लिए तकाको को कोई किराया नहीं देना है। तकाको इस पेशकश को स्वीकार कर लेती है। वह वहाँ के शान्त वातावरण में अपने टूटे दिल के घाव भरने की उम्मीद लेकर आती है, लेकिन जब मोरीसाकी बुकशॉप में रखी ढेरों पुस्तकों के भीतर वह एक नयी दुनिया का साक्षात्कार करती है, तो वह विस्मय से भर उठती है। गर्मियों के बाद पतझड़ का मौसम आता है और सातोरू व मोमोको पाते हैं कि वे कई चीज़ों में समान रुप से रुचि रखते हैं। मोरीसाकी बुकशॉप उन दोनों को जीवन, प्रेम की तथा पुस्तकों की उपचारात्मक क्षमता के बारे में बहुत कुछ सिखाती है।

लेखक.सातोशी यगीसावा 
अनुवादित लेखक. मदन सोनी 
प्रकाशक. मंजुल पब्लिशिंग हाऊस 

View full details