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Ret Ki Machhali (रेत की मछली)
Ret Ki Machhali (रेत की मछली)
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Author: Kanta Bharati
Publisher: lokbharati Prakashan
Pages: 221
Edition: Latest
Binding: Paperback
Language:Hindi
Translator:
रेत की मछली
लेखक सम्पूर्ण जीवन को अपनी रचना का विषय बनाता है, रचता है। ऐसे लेखक को फिर अपनी रचना का विषय बनाना एक विशेष प्रकार के अनुभव और संवेदनशीलता की अपेक्षा रखता है। श्रीमती कान्ता भारती ने अपने इस उपन्यास रेत की मछली में लेखकीय जीवन और उसके निकट परिवेश को मानवीय सन्दर्भों में रचने का प्रयास किया है। विदेशी साहित्यों में इस प्रकार की कई औपन्यासिक कृतियाँ प्रसिद्ध हुई हैं; हिन्दी में यह अनुभव-क्षेत्र अभी नया है, और विशेष सम्भावनाओं से युक्त है। कान्ता की यह कथा-कृति अपने ब्योरों में कहीं निर्मम है तो कहीं सहानुभूतिपूर्ण भी, और इस मायने में जीवन के सही अनुपात को साधती है। पाठक यहाँ रचना की पृष्ठभूमि को रचना के रूप में पाकर एक नये अनुभव-संसार में प्रवेश करता है, जहाँ उसके लिए बहुत-सी उपलब्धियाँ सम्भव हैं।
लेखक. कान्ता भारती
प्रकाशक. लोकभारती प्रकाशन
